कितने सवाल समेटे

kitne sawal samete aur haiN hasartey hazaar,
maiN umeed meiN chal pada hoon, is nayi subha ke saath.

कितने सवाल समेटे और हैं हसरते हज़ार,
मैं उम्मीद में चल पड़ा हूँ, इस नयी सुबह के साथ |

ओ सेहरा-ओ

o sehra-o zara sambhlo,
ki dil dhadakna nahi chhodta…

ओ सेहरा-ओ ज़रा सम्भलो,
कि दिल धड़कना नहीं छोड़ता…

तुम यूँ हँसते रहते हो

tum yuN hastey rehte ho- koi karte ho fareb,
hum tumhe dekhte hain ki khushnuma ho ya udaas.

तुम यूँ हँसते रहते हो – कोई करते हो फ़रेब,
हम तुम्हे देखते हैं कि खुशनुमा हो या उदास |

दिल-ए-नाकामयाब

Dil-e-nakaamyaab se justjuu kaisi,
hasratey mitt gayi tere intezaar mein

दिल-ए-नाकामयाब से ज़ुस्तज़ु कैसी,
हसरतें मिट गयी तेरे इंतज़ार में |

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