कोई तो बात होगी

koi to baat hogi teri be-parwahi mein
bar-bar dil na janey kyu tujhe pe marta hai.

कोई तो बात होगी तेरी बे-परवाही में
बार-बार दिल न जाने क्यूँ तुझे पे मरता है |

सुनती रही हूँ अब तक

sunti rahi hoon ab tak ye dastavez naye-purane,
ab hum ne bhi khayi hai kasam tumhe na sunne ki.

सुनती रही हूँ अब तक ये दस्तावेज़ नये-पुराने,
अब हमने भी खायी है क़सम तुम्हे न सुनने की |

 

फड़फड़ाती सी घुटन

fadfadati si ghutan thi ya ik chhupa sa tha raaz,
teri shaql mein maine sou dushmano ko dekha hai.

फड़फड़ाती सी घुटन थी या इक छुपा सा था राज़,
तेरी शक़्ल में मैंने सौ दुश्मनो को देखा है |

काफ़िर हुए गये

kafir huey gaye- ye baadal aur ye mausam,
hum har bar thay naye bhes mein- par tum na miley.

काफ़िर हुए गये- ये बादल और ये मौसम,
हम हर बार थे नये भेस में- पर तुम न मिले |

मुसक़्बिल क्या होता

musaqbil kya hota, khaaq hota
aashiqo ka falsafah tha – koi mazaak to nahi.

मुसक़्बिल क्या होता, ख़ाक़ होता,
आशिक़ों का फ़लसफ़ाह था – कोई मज़ाक तो नहीं |

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